स्वच्छता मिशन के 100 करोड रुपए खर्च नहीं कर पाए अधिकारी, मुख्यमंत्री हुए गुस्सा
20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के आदेश, चार दिनों से अधिकारी योजनाएं बनाने में जुटे

सत्य खबर हरियाणा
ULB : हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष बजट को खर्च नहीं कर पाए। अब बजट खर्च न करने में लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारी पर कार्रवाई होगी। 20 अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान करीब 100 करोड रुपए स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च न होने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारियों से नाराज हो गए, जिसके बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने HCS अधिकारी समेत 20 अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट करने के आदेश दिए गए।
हरियाणा शहरी निकाय विभाग में स्वच्छ भारत के तहत स्वच्छता की कार्यों से लेकर जागरूकता अभियान प्रचार प्रसार आदि कार्यों पर 100 करोड रुपए खर्च होने थे लेकिन फरवरी आने के बावजूद भी बजट खर्च नहीं हो सका। ऐसे में विभागीय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल ने ऐसे 20 अधिकारियों पर कार्यवाही का ब्योरा बनाने को कहा है जिससे 20 अधिकारियों को चार्जशीट करके कार्यवाही हो सके। कार्रवाई से बचने के लिए अबाधिकारी भी योजनाएं बनाने में जुट गए हैं।
जिन अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें स्वच्छता मिशन के तत्कालीन स्टेट मिशन डायरेक्टर HCS अफसर जयदीप कुमार का नाम भी शामिल है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, शहरी निकाय विभाग की बजट मीटिंग में विभागीय अधिकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष बजट खर्च न कर पाने का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।
हरियाणा सरकार ने इस बार केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की तर्ज पर राज्य में स्वच्छ सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह कार्य भी शुरू नहीं हो सका। बीते साल 2 अक्टूबर को इसकी शुरुआत होनी थी। बाद में तय किया गया कि इस कार्य को निकाय और दूसरे विभागों के अधिकारियों के बजाय निकाय थर्ड पार्टी के माध्यम से कराएंगे। लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है, इस कारण राज्य का स्वच्छ सर्वेक्षण भी शुरू नहीं हो सका।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने जब अधिकारियों से पूछा कि स्वच्छता मिशन के तहत अभी तक करोड़ों रुपए क्यों बचे हुए हैं और इस बजट को खर्च करने के लिए अब तक योजना क्यों नहीं तैयार की गई, तो मीटिंग में स्वच्छ भारत मिशन के डायरेक्टर और निकाय विभाग के जॉइंट डायरेक्टर कंवर सिंह सहित अन्य अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए। अब कार्रवाई के आदेश होते ही योजनाएं बनाने में तेजी आ गई है। 2025 में हरियाणा राज्य को स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं के लिए कुल ₹342 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। यह बजट केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा अप्रूव्ड एनुअल इम्प्लीमेंटेशन प्लांस (AIP) और स्पेसिफिक प्रोजेक्ट्स पर आधारित था।
इस मिशन के तहत गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण किया गया और सफाई को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की गई। स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य लक्ष्य हर घर में शौचालय उपलब्ध कराना और उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित करना रहा। इसके अलावा, कचरे को ठीक से संभालने, गीले और सूखे कचरे को अलग करने, और कचरे को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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